बवाल बैकग्राउंड स्कोर के साथ नसीरुद्दीन शाह की आवाज़ में इन लाइनों को सुनने के बाद गूज़बंप्स वाली फीलिंग आ जाती है. लेकिन ये सारा रोमैंटिसाइजेशन तब जाता रहता है, जब आपको पता चलता है कि इस दौरान बैकग्राउंड में बजने वाला म्यूज़िक चोरी का है. ‘पेट शॉप बॉयज़’ के गाने ‘वन मोर चांस’ से तकरीबन जस का तस उठाया हुआ. ये सारी बतकही हो रही है 1989 में आई फिल्म ‘त्रिदेव’ के बारे में. घिसी-पिटी स्टोरीलाइन पर बनने के बावजूद ये फिल्म स्टारकास्ट से लेकर एक्शन सीक्वेंस और म्यूज़िक के मामले में ऐतिहासिक मानी जाती है. ऐतिहासिक इन द सेंस कि ‘त्रिदेव’ ने अपनी तरह की फिल्मों की ओर देखने का लोगों का नज़रिया बदल दिया. रेगुलर होते हुए भी रेगुलर से हटकर. इसका क्रेडिट जाता है राजीव राय और विजू शाह की जोड़ी को, जिन्होंने आगे हमें ‘विश्वात्मा’, ‘मोहरा’ और ‘गुप्त’ जैसी फिल्में दीं. लेकिन आज बात 7 जुलाई, 1989 को रिलीज़ होने वाली फिल्म ‘त्रिदेव’ की.

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