MUNICH, BAYERN - JUNE 30: Irrfan Khan and director Anup Singh attend the 'Qissa' Premiere as part of Filmfest Muenchen 2014 on June 30, 2014 in Munich, Germany. (Photo by Hannes Magerstaedt/Getty Images for Filmfest Muenchen)

इरफ़ान के बड़े बेटे बाबिल खान. हाल ही में उन्होंने धर्म की वजह से हो रहे भेदभाव पर खुलकर बात की. इंस्टाग्राम पर उन्होंने कई स्लाइड की स्टोरी डाली. बताया कि कैसे उनके धर्म की वजह से कुछ दोस्तों ने उनसे बात करनी बंद कर दी.

बाबिल ने लिखा,

“पावर में बैठे लोगों के बारे में मैं क्या महसूस करता हूं, उसे मैं पोस्ट भी नहीं कर सकता. मेरी पूरी टीम मुझसे कह रही है कि इससे मेरा करियर खत्म हो जाएगा. क्या आप इस पर विश्वास कर सकते हैं? मैं डरा हुआ हूं. मैं डरना नहीं चाहता. मैं बस दोबारा आज़ाद महसूस करना चाहता हूं. मैं अपने धर्म के आधार पर जज होना नहीं चाहता. मैं अपना धर्म नहीं हूं, मैं एक इंसान हूं, बिल्कुल उसी तरह, जिस तरह भारत की बाकी जनता है.”

बाबिल ने एक साथ कई सारी स्लाइड्स डालीं. अगली स्लाइड में उन्होंने लिखा,

“बिना किसी का नाम जाने या करियर खत्म होने की आशंकाओं के बिना आप शॉर्ट में स्टोरी जानना चाहेंगे?: ईद की जो अनिवार्य छुट्टी है, उसे शुक्रवार के लिए कैंसिल कर दिया गया, जबकि रक्षाबंधन की छुट्टी सोमवार को अभी भी दी जा रही है. ठीक है, कोई दिक्कत नहीं. मैं ईद तब सेलिब्रेट करूंगा, जब शनिवार को ईद नहीं रहेगी.”

बाबिल ने आगे लिखा कि उन्हें पता है कि इस वक्त पूरी दुनिया में उथल-पुथल मची हुई है, लेकिन धर्मनिरपेक्ष भारत का अचानक से धर्म के हिसाब से बंट जाना डराने वाला है. बाबिल ने कहा,

“मेरे ऐसे दोस्त हैं, जिन्होंने मेरे धर्म की वजह से मुझसे बातचीत बंद कर दी. जिन दोस्तों के साथ, जब मैं 12 बरस का था, तब मैंने क्रिकेट खेला था. मुझे अपने दोस्तों की याद आती है. मेरे हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, सिख, इंसान दोस्त. मैं उन दिनों को मिस करता हूं, जब इस बात से फर्क नहीं पड़ता था कि मेरा सरनेम क्या है.”

आगे बाबिल ने लिखा कि उन्हें उन कमेंट्स का इंतज़ार है, जिनमें उनसे कहा जाएगा कि वो देशद्रोही हैं, जिहादी हैं, वो पाकिस्तान चले जाएं. उन्होंने लिखा,

“सबसे पहली बात मुझे भारत से प्यार है. और मैं ये आपको इसलिए बता रहा हूं, क्योंकि मैं लंदन में पढ़ता हूं. जब भी मैं वहां जाता हूं, मैं लौटकर घरवालों के साथ रिक्शे में घूमने का, अक्सा बीच पर पानीपुरी खाने का, कहीं भी जंगलों में, भीड़ के बीच अपनी मर्ज़ी से घूमने का इंतज़ार नहीं कर पाता. मैं भारत से प्यार करता हूं. मुझे देशद्रोही बोलने की हिम्मत भी मत करना, मैं एक बॉक्सर हूं, मैं आपकी नाक तोड़ दूंगा.”

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